YUVA Academy is a non-profit coaching initiative dedicated to making quality education accessible to all aspirants preparing for government competitive exams.
Founder, YUVA
"पसीने की स्याही से जो लिखते है अपने इरादे,
उनके मुकद्दर के पन्ने कोरे नहीं होते...."
अपने इसी इरादे के साथ 12 जनवरी 2004 को श्री एम्. राजीव जी द्वारा "युवा" संस्था की नींव रखी गई थी। इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य उसके नाम से ही प्रतीत होता है, "युवा" विस्तृत रूप में Youth Unity for Voluntary Action" है जो कि अपने संक्षिप्त नाम "YUVA" से जानी जाती है। युवा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कैरियर के लिए जागरूक बनाना एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के साथ ही सामाजिक कार्यों के माध्यम से उन्हें समाज से जोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बनाना।
आधुनिक काल के महानतम व्यक्तिव एवं युवाओं के प्रेरणास्त्रोत सुप्रसिद्ध श्री स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से प्रेरित होकर श्री एम. राजीव जी के मन में देश के युवाओं को समाज की मुख्यधारा के साथ जोड़ने का विचार आया। किसी भी समृद्ध देश का कायाकल्प उस देश के युवाओं की मेहनत एवं लगन का प्रतिबिम्ब होता है, इसी विचार के साथ श्री एम. राजीव जी ने ऐसे युवाओं को लक्षित किया जो अपनी आर्थिक एवं अन्य विपरीत परिस्थितिओं के कारण तथा उचित मार्गदर्शन एवं शिक्षा न मिलने के आभाव में आगे नहीं बढ़ पाते है, और समाज में अपने आपको प्रतिस्थापित नहीं कर पाते है।
युवाओं कि इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उनके निवारण हेतु "युवा" संस्था के उद्देश्यों का निर्धारण किया गया एवं उनका संपादन नियमित रूप से किया जाने लगा। युवा के सभी शिक्षक विभिन्न सरकारी पदों पर विराजमान है, इसके साथ ही युवा से सफल हुए छात्र भी इस संस्था में अपना योगदान देते है।
झारखंड राज्य के जमशेदपुर के रहने वाले श्री एम. राजीव जी का चयन 1992 में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा केंदीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग में निरीक्षक के पद पर किया गया एवं उन्हें मध्य प्रदेश राज्य सरकार (अब छत्तीसगढ़) के अंतर्गत रायपुर मे पदस्थ किया गया। पदभार ग्रहण करने पश्चात श्री एम. राजीव जी ने केंदीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग के अंतर्गत अपनी सेवाएँ देना प्रारम्भ किया। इस दौरान अपने पेशेवर नौकरी की शुरुआत होने के 9 वर्ष बाद विभिन्न शासकीय कार्यालयों एवं स्थानीय लोगों से संपर्क में आने के पश्चात उन्हें अहसास हुआ है कि यहां के स्थानीय युवा अपनी विपरीत आर्थिक परिस्थितियों, उचित शिक्षा एवं सकुशल मार्गदर्शन के आभाव मे आगे नहीं बढ़ पा रहे है, तथा समाज में पिछड़े हुए है।
इस स्थिति को देखकर श्री एम राजीव जी ने स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया एवं अपनी ही अर्जित की गयी सफलता को अपने संकल्प का मूल आधार बनाते हुए उन्होने अपने स्तर पर स्थानीय युवाओं को शासकीय नौकरी के प्रति जागरूक किया एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने निवास स्थान से ही नि:शुल्क शिक्षा देना प्रारम्भ किया। इस तरह संकल्पित श्री एम राजीव दो छात्रों से शुरुआत कर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हुए और छात्रों की संख्या बढ्ने पर, 12 जनवरी 2004 को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर मनाएं जाने वाले "राष्ट्रीय युवा दिवस" के अवसर पर "युवा" की स्थापना की गई।
कुछ सदस्यों को साथ लेकर प्रारंभ की गई "युवा" संस्था में धीरे-धीरे सदस्यों की संख्या बढ़ती गई, एवं इसके सकारात्मक परिणाम नजर आने लगे। "युवा" से जुड़ने वाले लगभग सभी सदस्य अपनी क्षमता एवं प्रतिभा के बल पर समाज में अपने आपको प्रतिस्थापित कर चुके है, जो कभी आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े थे। वर्तमान में "युवा" के 150 से अधिक सदस्य देश के विभिन्न शासकीय एवं अर्द्ध-शासकीय पदों जैसे - उप-जिलाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, नायब तहसीलदार, परिवीक्षाधीन अधिकारी, सांख्यिकी अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, पुलिस निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, शिक्षक, लेखापाल आदि विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
“युवा” अपने सदस्यों को सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे- केंद्रीय एवं राज्य लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, बैंक, रेल्वे, व्यापमं एवं अन्य शासकीय एवं अर्द्ध-शासकीय परीक्षाओं की तैयारियों के लिए “नि:शुल्क” शिक्षा एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करना।
नि:शुल्क शिक्षा के साथ ही साथ युवा वर्ग में चेतन व्यक्तित्व के निर्माण में सहायता करना तथा उन्हें उपयोगी ज्ञान की प्राप्ति की ओर उन्मुख करना।
युवा सदस्यों के लिए पुस्तकालय है जिसमे प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित सभी पुस्तक और पत्रिका, देश के प्रमुख मैगज़ीन , हिंदी व अंग्रेजी समाचार पत्र , ज्ञानवर्धक पुस्तके आदि उपलब्ध है। पुस्तकालय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक संचालित होती है।
नियमित रूप से वाद-विवाद, सामूहिक परिचर्चा, विचार गोष्ठियों, साक्षात्कार तथा सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के अतिरिक्त अन्य ऐसे कार्यक्रम का आयोजन करना जो व्यक्तित्व विकास में सहायक हो।
राज्य में सामाजिक, सांस्कृतिक, और मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन कर युवा सदस्यों में सामाजिक, सांस्कृतिक भावना का विकास करना तथा उनके आत्म-अनुशासन एवं आत्म-विश्वास विकसित करना।
युवा सदस्यों को राज्य में संचालित होने वाली विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं, सामाजिक आयोजनों में संस्था का प्रतिनिधि बनाकर भेजना।
सामाजिक कुरूतियों एवं विषमताओं को समाप्त करने के लिए सामूहिक अभियान चलाना।
युवा सदस्यों में सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों को प्रोत्साहित कर देश के विकास में योगदान देना.
'युवा' युवाओं के सम्पूर्ण विकास पर ध्यान देती है। युवा न सिर्फ एक मंच प्रदान कर रहा है बल्कि एक विज़न दे रहा है अधिकतम क्षमता का प्रयोग कर बेहतर आउटपुट प्राप्त करने का। युवा का उद्देश्य केवल व्यक्ति विशेष का विकास नहीं है बल्कि व्यक्तित्व विकास के साथ एक दृष्टि विकसित की जाये , जिससे हम समाज के लिए भी कुछ कर सके।
युवा इन सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10 बजे तक और शाम को 6 बजे से 8 बजे तक निःशुल्क क्लास का आयोजन करती है। यहां प्रत्येक रविवार को प्रतियोगी परीक्षा का भी आयोजन किया जाता है।
उपरोक्त उद्देश्यों के अतिरिक्त “युवा” संस्था विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करती है
Our innovative credit system rewards students and volunteers for their contributions to the community. It's our way of saying "thank you" while making education more accessible.
Students earn +20 credits upon completing a course
Attend events and workshops to earn +10 credits
Volunteers earn +30 to +50 credits per task
Guest mentors earn +100 credits per session
Pro Tip: Active volunteers can accumulate enough credits to access premium courses completely free!
Have questions? We'd love to hear from you. Send us a message and we'll respond as soon as possible.
H. NO. 42/292, Second floor, opposite Central Bank Of India, near CM House, Civil Lines, Raipur, Chhattisgarh 492001
9243098577
Helpline: 9074744551
yuva.raipur@gmail.com
Join thousands of students who are actively transforming their careers with YUVA Mitan.